
- Ganganagar
श्रीगंगानगर : जिला मुख्यालय पर दिल्ली से प्रवचन देने के लिए आए एक महात्मा की गाड़ी को रसद विभाग के अधिकारियों ने जब्त कर लिया है । महात्मा ने अपनी कार में घरेलू रसोई गैस का सिलेण्डर लगा रखा था।
जिला रसद अधिकारी अजयपाल ज्याणी को शनिवार को सुखाडिय़ा शॉपिंग सेंटर के नजदीक कार सर्विस की दुकान पर एक मारूति कार खड़ी हुई दिखाई दी, जो ठीक होने के लिए आई थी। कार के पीछे बीपीसी कम्पनी का घरेलू रसोई गैस सिलेण्डर रखा हुआ था, जिसे कार में लगी किट से जोड़ कर काम लिया जा रहा था। ज्याणी के निर्देश पर प्रवर्तन निरीक्षक सुनील वर्मा व राकेश सोनी वहां पहुंचे तथा मारूति कार को सिलेण्डर सहित जब्त कर लिया। पता लगने पर कुछ कांग्रेसी नेता कार को छुड़वाने के लिए आए, लेकिन नाकाम रहे।
प्रवर्तन निरीक्षक वर्मा ने बताया कि यह कार दिल्ली से आए हुए स्वामी मनोजानंद महाराज की थी, जिसमें अवैध रूप से घरेलू गैस सिलेण्डर लगा हुआ था। यह पता नहीं चल पाया कि मनोजानंद महाराज यहां किस लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि कार को जब्त कर बिहाणी पेट्रोल पम्प की सुपुर्दगी में दे दिया गया है । गैर सरकारी सूत्रों से जानकारी मिली है कि मनोजानंद महाराज यहां किसी धार्मिक कार्यक्रम में प्रवचन के लिए आए हुए हैं।

- Leafcurl
श्रीगंगानगर (विनोद विश्नोई) श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलो के किसान पाक सीमा से आये एक वायरस के हमले से संकट में है। वायरस के तीखे हमले के चलते किसानों में दहशत का माहौल है और प्रशासन भी सकते में है। पाकिस्तान की ओर से आ रहे वायरस लीफकर्ल ने यहां कपास की फसल पर कहर ढहा रखा है। सीमावर्ती इलाके में अपना बर्चस्व स्थापित करने के बाद यह धीरे-धीरे आगे बढ़ता जा रहा है। यह पहला मौका है जब लीफकर्ल ने सीमावर्ती क्षेत्र के अलावा दूसरे जिले में इतनी शिद्दत से दस्तक दी है। .किसानों का आरोप है कि प्रशासन और कृषि विभाग ने फसलों की कोई सुध नहीं ली | प्रशासन का दावा है कि इस संबंध में सतर्कता बरतनी शुरू कर दी गयी है | कृषि अधिकारी व वैज्ञानिक नियमित रूप से खेतों में जाकर फसलों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा इस पर अध्ययन जारी है।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में कपास की ज्यादातर किस्मो को तबाह करने के बाद यह वायरस इस बार राजस्थान सहित हरियाणा व पंजाब में भी फसलों को प्रभावित कर रहा है। पिछले वर्ष भी श्रीगंगानगर व पंजाब क्षेत्र में लीफकर्ल ने तबाही मचाई थी | वर्ष 2003 में लीफकर्ल ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया था। जिले के वरिष्ठ कपास वैज्ञानिक डॉ. सीजे कपूर ने आशंका जताई है कि उत्तर भारत में बड़े क्षेत्र में यह वायरस अपना प्रभाव छोड़ेगा, जिस कारण उत्पादन में पचास प्रतिशत की कमी हो सकती है। यह वायरस कपास के शुरुआती दौर से लेकर अंत तक पत्तो को पूरी तरह से मरोड़ देता है। यही वजह है कि इसे पत्ता मरोड़ भी कहा जाता है।
डॉ. कपूर बताते हैं कि लीफकर्ल की वाहक सफेद मक्खी है। सफेद मक्खी के जरिए वायरस फसल में आता है तथा संक्रमण से पत्तिया सिकुड कर मुड़ जाती है और पौधे की बढ़वार भी रुक जाती है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विचित्र सिंह बताते हैं कि मक्खी को नियंत्रित कर फसल को लीफकर्ल के प्रकोप से एक हद तक बचाया जा सकता है । डॉ.सिंह बताते हैं कि इस वायरस से कपास की .कोई भी किस्म बच नहीं पाई है | लीफकर्ल की पहचान वर्ष 1993 में हुई थी। इसके बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए वर्ष 2000 में लीफकर्ल रोधी किस्म आरएस 810 और 2002 में आरएस 2013 तैयार की गई थी | लेकिन अब तो सभी किस्मो पर खतरा मंडरा रहा है। राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद् ने वर्ष 1994 में भारत-पाक सीमा पर एक किलोमीटर तक कपास की बिजाई न करने की सलाह दी थी । इस बार चिंता की बात यह है कि लीफकर्ल का प्रकोप हनुमानगढ़ जिले के पक्कासहारणा, गोलूवाला व पीलीबंगा क्षेत्र में बढ़ रहा है |

- Sri Ganganagar
श्रीगंगानगर : भाजपा विधायक राधेश्याम ने अपने विधानसभा क्षेत्र से बाहर सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र में एक रिसोर्ट तक पेयजल पाइप लाइन बिछाने के लिए विधायक कोटे की राशि जारी कर दी। जिला परिषद ने इसकी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी करने में भी देर नहीं लगाई | मामला सामने आने पर जिला परिषद ने पाइप लाइन डालने के काम को स्थगित कर जांच के आदेश दिए हैं ।
सूत्रों के अनुसार गंगानगर के विधायक राधेश्याम ने जिला मुख्यालय के नजदीक सद्भावना नगर के सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद वहां से एक रिसोर्ट तक पेयजल पाइप लाइन डालने के लिए विधायक कोटे से साढे ऽ लाख रूपए स्वीकृत कर दिए। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता ने भी प्रस्ताव तैयार किया और जिला परिषद ने इस .काम के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी। सूत्रों ने बताया कि इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है, जब किसी विधायक ने दूसरे विधानसभा क्षेत्र में होने वाले काम के लिए राशि जारी की हो । जिला परिषद से राशि की स्वीकृति के बाद पेयजल पाइप लाइन .का काम आरंभ होता, उससे पहले ही यह खेल उजागर हो गया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंकर लाल शर्मा ने अपने स्तर पर पड़ताल करवाई, तो पता चला कि जलदाय विभाग ने इस काम के लिए टेण्डर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। शर्मा ने बताया कि अब इस कार्य को रोक दिया गया है। अधिशाषी अभियंता को काम स्थगित करते हुए तीन दिन में विधानसभा क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरी ओर विधायक राधेश्याम ने भी इस गड़बड़ी से अपने हाथ खींच लिए हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के पास अनेक लोग जनहित के कामों के लिए आते हैं। पेयजल पाइप लाइन को जनहित का विषय मानते हुए उन्होंने अपने कोटे की राशि स्वीकृत की है। विधानसभा क्षेत्र के बारे में स्थिति साफ करना जिला परिषद के अधिकारियों का दायित्व है।

- A couple of Jogi Community
बाड़मेर (चन्दन भाटी) दहेज में कुत्ता या गधा देने की बात कही जाए तो शायद हर कोई इसे मजाक समझेगा। लेकिन यह हकीकत है। इतना ही नहीं दो साल तक विवाह के लिए प्रस्तावित औरत को मांगकर खिलाने की शर्त पूरी करने के बाद गर्भावस्था में सियार का मांस खिलाने का वायदा ही उनकी खुशहाल जिन्दगी का आधार बनता है। यह परंपरा जोगी जाति के कुछ परिवारों में अभी भी जारी है । अतीत में पश्चिमी राजस्थान में घुमक्कड़ एवं भीख मांगकर गुजारा चलाने वाली जोगी जाति के परिवारों के लिए ऐसी परंपराएं आम बात रही है । भले ही इन पर दूसरे लोग विश्वास करें या नहीं।
प्रताप नाथ को आज भी अपनी शादी का वो दिन याद है जब उसे दहेज में कुत्त्ते के साथ गधा मिला था। कुत्ता उसके अस्थाई ठिकाने की रखवाली एवं शिकार में मदद के लिए। गधा इसलिए कि वो आसानी से अपना बोरियां-बिस्तर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा से। यह बात अभी महज दस पुरानी है जब उसने शादी के लिए अपनी औरत रूपो को दो साल तक कमाकर खिलाया था। उसके बाद रूपो ‘ खुश ’ हुयी तो उसकी शादी हुई थी। उसे अभी भी मलाल है कि वह अपनी रूपों को गर्भावस्था के दौरान सियार का मांस नहीं खिला पाया। उसने कोशिश तो की थी परंतु सियार उसकी पकड़ में नहीं आया था। प्रताप नाथ के अनुसार यह रिवाज अब लगभग खत्म होने को है। शादी की बात हो या अन्य कोई मौका इनके अपने रिवाज है । आजादी के 6 5 साल बाद भी न तो इनके पास जमीन है और न हीं रहने के आशियाने। खुले आसमान में जीवन यापन करने की मजबूरी के साथ ये कई ऐसे दर्द छुपाएं हुए है, जिन्हें वो बताकर अपना दर्द बढ़ाना भी नहीं चाहते। मांगकर गुजारा करने वाले इन लोगों को अब भीख भी नहीं मिलती। ऐसे में वे परंपरागत काम छोड़कर अन्य काम अपना रहे है। बावजूद इसके इसमें कई दिक्कतें पेश आ रही है। रही सरकारी मदद की बात वो मिले भी कैसे कईयों के नाम तो राशनकार्ड में भी दर्ज नहीं है।
कानाता में डेरा डाले एक बुजुर्ग कानाराम बताते है कि राशनकार्ड ऐसे कुछ जोगियों के बनाए गए है जिन्होंने समय-समय पर पटवारियों एवं सरपंचों वगैरह की बेगार निकाली है। इन लोगों को रोजगार एवं जमीन वगैरह की जरूरत तो है। इससे भी अधिक चिन्ता उन्हें इस बात की है कि जिस परंपरा और विरासत को वे संभाले हुए है,वो खत्म होती जा रही है। बाड़मेर शहर से दो किलोमीटर दूर डेरा डाले कुछ जोगियों ने पेट पालने के लिए पत्थर तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। केर के पिछवाड़े में रहने वाले इन लोगों ने यहां बूई एवं बबूल की झाड़ियों से बाड़े बनाए है। इनकी हालत जानवरों के बाड़े से भी बदत्तर है। वहीं कुछ खुले आसमान के तले गुजारा कर रहे है। इन्हीं बाड़ों में उनकी दुनिया समाई है | इसमें कुत्तो,मुर्गे एवं गधे भी शामिल है। अपनी बदलती परंपरा पर प्रकाश डालते हुए एक बुजुर्ग जोगी केसरा राम ने बताया कि अन्य समाजों के दबाव के कारण कुछ स्थानों पर सगाई के दौरान 400 एवं शादी के अवसर पर 1000 रुपए लड़के द्वारा लड़की के पिता को देने की शुरूआत की गई है। लड़के के पहले दो साल साथ में रहने का रिवाज धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। उनके अनुसार अन्य समाजों में शादी के दौरान लड़की के पिता को दहेज देना पड़ता है। परंतु उनके यहां लड़के का पिता लड़की के पिता को दहेज देता है। तभी जाकर उसकी शादी कराई जाती है। बहरहाल बदलते हालत में जोगी समाज शुरूआत से चली आ रही अपनी रीतो को जिन्दा रखने की कोशिश कर रहा है । फिर भी यह कोशिश कितनी सफल हो पाएगी यह आने वाला वक्त ही बता पाएगा।

Fake Pure Ghee
श्रीगंगानगर : जिला मुख्यालय पर पंजाब से लाया जा रहा डीजल पकडऩे की फिराक में लगे रसद विभाग के अधिकारियों ने गुरूवार को एक पिकअप गाड़ी को रोका तो फर्जी बिलों से क्षेत्र में नकली देसी घी बेचने के मामले का भण्डाफोड़ हुआ। अब रसद विभाग ने यह मामला स्वास्थ्य विभाग तथा वाणिज्य कर विभाग को सुपुर्द कर दिया है ।
जिला रसद अधिकारी अजयपाल ज्याणी को एक पिकअप गाड़ी के जरिए पंजाब से डीजल लाए जाने की सूचना मिली थी। गुरुवार को सुबह निसीक्षक सुनील वर्मा और राकेश सोनी के साथ जाकर मीरा चौक से हनुमानगढ़ रोड की तरफ जा रही इस गाड़ी को रोका तो उसमें शक्ति शुद्ध देसी घी के पन्द्रह सौ डिब्बे थे। बिलों को लेकर संदेह होने पर ज्याणी ने पिकअप के चालक को गाड़ी सदर थाना में ले चलने को कहा | चहल चौक से पहले अचानक ही पिकअप को चालक गलियों से होता हुआ भगा ले गया। ज्याणी तुरन्त ही बिलों में दिखाए गए पते पर 88 बी पुरानी धानमंडी स्थित जितेन्द्र ट्रेडिंग कम्पनी और सुशील ट्रेडिंग कम्पनी पर पहुंचे। अधिकारियों ने दुकान के संचालको से बात की और गाड़ी भगा कर ले जाए जाने पर नाराजगी जताते हुए कार्यवाही की चेतावनी दी | तब पिकअप गाड़ी एक युवक ले आया, लेकिन दुकान के संचालक का अता-पता नहीं था। ज्याणी ने गाड़ी को सदर थाना में खड़ी कर वाणिज्य कर विभाग और खाद्य निरीक्षको को सूचना देते हुए वहीं बुलवा लिया।
प्रवर्तन निरीक्षक सुनील वर्मा ने बताया कि चल प्रयोगशाला के माध्यम से घी की जांच करवाई गई है, तो उसमें शुरूआती तौर पर डालडा घी की मिलावट की पुष्टि हुई है। खाद्य निरीक्षको के माध्यम से घी के नमूने लिए गए हैं और उन्हें विस्तृत जांच के लिए जयपुर की प्रयोगशाला में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि घी के पेश किये गए बिल भी संदिग्ध हैं। फर्म के संचालक सुरेन्द्र कुमार की ओर से घी के जो बिल पेश किये गए हैं, वह जितेन्द्र ट्रेडिंग कम्पनी ने हनुमानगढ़ की सुशील ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से जारी कर रखे हैं, जबकि यह घी कोटकपूरा (पंजाब) से आ रहा था। इसी तरह बिलों में पन्द्रह सौ किलो घी का विवरण है, लेकिन प्रत्येक डिब्बे पर वजन 871 ग्राम लिखा है | वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी एमपी कल्याणा, चंद्र कांत तथा स्वास्थ्य निरीक्षक केके शर्मा सदर थाना में कार्यवाही कर रहे हैं। वाणिज्य कर विभाग को लिखित में पाबंद किया गया है कि यदि इस गाड़ी को छोड़ा जाए तो उसकी सूचना पहले रसद विभाग को दी जाए।

Accused
बाडमेर (चन्दन भाटी) जयपुर में स्थानीय निकाय विभाग में तैनात आईएएस अघिकारी जोगाराम जांगिड समेत पांच जनों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। सूत्रों के अनुसार जोगाराम जांगिड के भाई नाथूराम की पत्नी मनीषा (21) का शव बुधवार को घर में बने टांके में पाया गया था। मनीषा की शादी 14 माह पहले ही हुई थी। सूचना पाकर बाडमेर पहुंचे मृतका मनीषा के पिता ने जांगिड व पांच परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाया है ।
सुबह मनीषा का शव टांके में पडा होने की सूचना मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तथा उसके पीहर वालों को सूचना दी। पीहर पक्ष ने उनके आने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने को कहा था। बाडमेर के रावतसर गांव के मूल निवासी और हाल निवासी वलसाड (गुजरात) मनीषा के पिता लालाराम के यहां पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया । बाद में लालाराम ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि जोगाराम ने ही उसकी बेटी की हत्या की साजिश रची है। इसमें जोगाराम के भाई नाथूराम पुत्र अर्जुन राम, जोगाराम की पत्नी और मां समेत पांच जने शामिल हैं। लालाराम ने कहा है कि शादी से समय उन्होंने पर्याप्त दहेज दिया | इसके बाद भी ससुराल पक्ष और दहेज की लगातार मांग करता रहा।

Ashutosh AT Pednekar
श्रीगंगानगर : जिला कलेक्टर आशुतोष एटी पेडणेकर ने प्रसव से पूर्व लिंग निर्धारित करने सम्बन्धी कानून को और अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने की जरूरत पर जोर दिया है | वे मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही इस क्षेत्र में कार्य कर रही एनजीओ को भी सलाहकार समिति की बैठको में आमंत्रित किया जाये | अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत केंद्र जिन पर योग्यताधारी चिकित्सक उपलब्ध नहीं है, उन्हें सील करने के आदेश किये गये | उन्होंने बताया भारत सरकार द्वारा हमारी बेटी डॉट निक डाट इन वेबसाइट संचालित की जा रही है, इसको सर्वप्रथम राजस्थान में लांच किया गया है। इस पर लिंग जांच के विरोध में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
बैठक में सामाजिक संगठन सीमान्त किसान संस्थान को सलाहकार समिति की बैठक में आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। जिला कलेक्टर ने बताया सभी केन्द्रों को अल्ट्रासोनोग्राफी करवाने आई महिला मरीज या उसके सहयोगी का पहचान पत्र ऍफ़ फार्म के साथ सलंग्न करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है | मुख्य चिकित्सा एवं विकास अधिकारी डा. एच एस बरार ने बताया जिले में दो महीने में समुचित प्राधिकारी द्वारा बाईस केन्द्रों का निरिक्षण किया गया | अधिनियम के प्रचार प्रसार के लिए ब्लाक स्तर पर बैठके आयोजित की गई।
बैठक में डॉ आई पी एस पूनिया, डॉ सरोज गुप्ता, श्रीमती मनिंदर कौर नंदा, पंचायत समिति श्रीगंगानगर की प्रधान सुश्री बबलदीप कौर, श्रीमती दुर्गा स्वामी, डॉ राजेश अरोड़ा, एडवोकेट राजेन्द्र सोनी, रणदीप सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

- A Hindu Family leaving fast
बाडमेर (चन्दन भाटी ) भारत पाकिस्तान की सरहद पर बसे बाडमेर जिले के पाकिस्तान से सटे सरहदी गांव साम्प्रदायिक सदभावना की अनुठी मिसाल हैं।एक तरफ जहॉ मुस्लिम हिन्दुओं के त्यौहार उल्लास के साथ मनाते हैं । वहीं हिन्दु परिवार रमजान के पवित्र महिनें में रोजे रख मुस्लिम भाइयों की खुशी में शरीक होते हैं ।
बाडमेर जिले के सरहदी गांवों में हिन्दू परिवारो द्वारा रोजे रखने की परम्परा हैं । भारत पाकिस्तान विभाजन एवं उसके बाद भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध के दौरान पाकिस्तान से भारत आए हिन्दू और मुस्लिम परिवारों में समान रीति रिवाज हैं। हिन्दुओं में विशेषकर मेघवाल जाति के परिवार सिन्ध के महान संत पीर पिथोरा के अनुयायी हे । सिन्धी मुसलमान भी पीर पिथोरा में समान आस्था रखते हैं । पीर पिथोरा के जितने भी अनुयायी हैं, वे अपने गुरु के वचन की पालना के तहत रमजान महीनें में श्रद्धानुसार रोजे रखतें हैं।
सरहदी गांवों गौहड का तला, रबासर, साता, सिहानिया, बाखासर, केलनोर सहित सेंकडों गांवों के हिन्दू रोजे रख साम्प्रदायिक सदभावना का परिचय दे रहे हैं । नवातला निवासी पाताराम नें बताया कि वह अपनी समझ के साथ हर साल रोजे रखता आ रहा हैं । रोजे के दौरान बकायदा नमाज भी पढता हैं । रोजे के दौरान वह पूर्णत मुस्लिम धर्म की पालना करता हैं । उसने बताया कि उसके पिता भी रोजे रखते थे ।
सरहद पर रह रहे हिन्दू मुस्लिम परिवारों के रीति रिवाजों भी कोई ज्यादा फर्क नहीं हैं । शादी, विवाह, मृत्यु, तीज, त्यौहार ,खान -पान,पहनावा तथा भाषा समान हैं । हिन्दू परिवारों के छोटे छोटे बच्चे भी रोजे रखते हैं। मौलवी हनीफ मोहम्मद ने बताया कि सरहद पर हिन्दू और मुस्लिम भाईचारे के साथ रहते हैं । दोनो के रीति रिवाजों में इतनी समानता हैं कि कई बार भेद करना मुश्किल हो जाता हैं । रमजान में तो हिन्दू मुस्लिम साथ साथ रोजे रखते हैं । एक दूसरे के यहॉ इफतार भी करते हैं । हालाकि पीर पीथोरा का धार्मिक स्थल पाकिस्तान में हैं । मगर उनके अनुयाईयों ने बाडमेर जिले के जयसिंधर गांव के समीप जेता की जाल नामक धार्मिक स्थल बनाया है, जहॉ पीर पिथोरा की पूजा होती हैं। पीर पिथोरा की पूजा मुसलमान भी ज्यादा करते है ।

- BSF in Thar
बाड़मेर (चन्दन भाटी) केन्द्र सरकार ने गुजरात में कच्छ के रण और राजस्थान में बाड़मेर की सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों और जवानों को विशेष भत्ता देना मंजूर कर लिया है। कच्छ के रण व बाड़मेर के रेगिस्तान को निर्विवादित रूप से दुनिया के सबसे कठिन इलाकों में शुमार किए जाता है | लेकिन भारत सरकार को सीमा प्रहरियों की सुनने में दशकों लग गए।
केन्द्र से हरी झंडी मिलने के बाद जवान से लेकर कमाण्डेन्ट तक लाभान्वित होंगे । अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बटालियन के मुख्यालय से जुड़े हुए सीमा प्रहरियों को विशेष भत्ता दिया जाएगा या नहीं | इस बारे में गुजरात फ्रंटियर के महानिरीक्षक ए.के. सिन्हा ने बीएसएफ मुख्यालय से खुलासा मांगा है। केन्द्र सरकार ने अब कच्छ के रण के लिए “मॉडीफाइड फील्ड एरिया एलाउंस” स्वीकार किया है | बाड़मेर को दुर्गम क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। बाड़मेर के लिए स्वीकृत विशेष भत्ता कमाण्डेंट दो हजार रूपये, डिप्टी कमाण्डेंट अठारह सौ रूपये, अस्टिटेंट कमाण्डेंट सत्रह सौ रूपये, निरीक्षक और उपनिरीक्षक बारह सौ रूपये और जवान नौ सौ रूपये महीना होगा |

- Ashutosh AT Pednekar
श्रीगंगानगर : जिला कलेक्टर आशुतोष एटी पेडणेकर ने पंचायत समिति और ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का निर्माण दो अक्तूबर तक अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया है । उन्होंने जिले के सभी उपखण्ड अधिकारियों और तहसीलदारो को अपने क्षेत्र में भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों की प्रगति का जायजा लेंने के निर्देश दिए है ।
पेडणेकर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक में कहा कि भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों के निर्माण के प्रति राज्य सरकार गंभीर है | इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। गांव चार एमएल, दुल्लापुर केरी, श्यामगढ, खाटां तथा मोरझण्डखारी में निर्माण कार्य प्रारंभ नही होने को जिला कलेक्टर ने गंभीरता से लिया और इनका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि महानरेगा योजनांतर्गत सामाजिक अंकेक्षण से वंचित रही ग्राम पंचायतों में इसके लिए ग्राम सभाएं नौ सितंबर को आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन सामाजिक अंकेक्षण ग्राम सभाओं के आयोजन में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
जिला कलेक्टर पेड़णेकर ने कहा कि जिले में 554 कामन सर्विस सेंटर स्थापित किये जाएंगे। इनमें से 224 का सर्वे कर 74 के एग्रीमेंट हस्ताक्षर कर लिए गए हैं। महानरेगा श्रमिको के भुगतान की स्थिति का जायजा लिया गया और श्रमिको को समय पर भुगतान के निर्देश दिए गये । उन्होंने सभी उपखण्ड अधिकारियों को उपखण्ड स्तर पर बैठक आयोजित कर भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र, कामन सर्विस सेंटर, महानरेगा के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण ग्राम सभा और महानरेगा श्रमिको के भुगतान की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिएं। उन्होंने मुख्यमंत्री अन्न सुरक्षा योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का जायजा भी लिया।
पेडणेकर ने कहा कि सभी राजस्व अधिका री राजस्व से संबंधित लम्बित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करे । सात सितंबर से जिला प्रशासन द्वारा तहसील स्तर पर जनसुनवाई शिविर आयोजित किये जाएंगे।